कैंसर क्या है,कैंसर क्यों होता है, कैंसर से बचने के उपाय, 5 फूड जिनके अत्यधिक सेवन से कैंसर का खतरा हो सकता है,
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हेलो दोस्तों
आज हम बात करेंगे कैंसर की कैंसर जो कि एक बहुत ही घातक और जानलेवा बीमारी है जो पूरे विश्व में बहुत ही तेजी से फैलती जा रही है ,
कैंसर क्या है -
अब कैंसर एक सामान्य रोग हो गया है, भारतीयों में हर 10 व्यक्तियों में से एक को कैंसर होने की संभावना है।
कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है परंतु यदि रोग का पता प्रारंभिक अवस्था में में ही चल जाए तो इसका उपचार किया जाता है।
कैंसर का सर्वोत्तम उपचार है बचाव संयमित जीवनशैली,
कैंसर के प्रकार-
कैंसर के प्रकार के होते हैं जिनमें सबसे ज्यादा खतरनाक होता है ल्यूकेमिया ( ब्लड कैंसर)
बच्चों में ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) सबसे अधिक होने वाली होने की संभावना होती है।
1 से 10 साल तक के बच्चों में ज्यादातर देखने को मिलती है।
कैंसर के लक्षण-
कैंसर के शुरुआती लक्षणों को जानने के बाद उपचार में आसानी होती है।
कैंसर के आम लक्षण है, वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी या मुंह से खून आना,
अगर किसी भी व्यक्ति को यह लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कैंसर कब होता है-
कैंसर तब शुरू होता है जब कोशिका के डीएनए में कोई त्रुटि आ जाती है यह कोशिकाएं से अनियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं और बढ़ती रहती हैं यह कोशिकाएं मिलकर कैसे बनाते हैं।
5 तरह के फूड जो कैंसर का कारण बन सकते हैं इनसे बचना बहुत जरूरी है इन्हें खाने से परहेज करें।
1 unhealthy food खाने की आदत गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।
डॉक्टर का कहना है कि किसी भी एनिमल बेस्ट प्रोडक्ट को लेना जो स्मोकिंग और साल्टिंग द्वारा प्रिजर्व (संरक्षित) किया गया हो वह आपकी सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है
यह खाद्य पदार्थ आपका वजन बढ़ने से लेकर कैंसर तक की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को जन्म दे सकता है।
संरक्षित मीट से एक योगिक उत्पन्न होता है जो कार्सिनोजेंस हो सकता है।
तला हुआ खाना-
तले हुए खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन से शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकार का कारण बन सकते हैं।
जब आलू या मीट में जैसे खाद्य पदार्थों को तेल में तला जाता है
तो एकर्रिलामाइड नामक यौगिक बनता है, इस यौगिक में कार्रसिजेनिक गुण होते हैं और यहां तक की डीएनए को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
खाद्य पदार्थों को तलने के बजाय कुकिंग के दूसरे तरीके अपनाना चाहिए।
परिष्कृत उत्पाद (Refined products)-
डॉक्टर का कहना है कि मैदा ,चीनी या तेल सभी कैंसर कोशिकाओं के विकास के जोखिम को बढ़ाने की क्षमता रखते है।
जो शरीर में तमाम तरह के कैंसर का कारण बन सकते हैं।
शराब - कार्बोनेटेड ड्रिंक-
अल्कोहल और कार्बोनेट पेय दोनों में रिफाइंड चीनी और कैलरी की मात्रा अधिक होती है।
शराब इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है जिससे आपके शरीर के लिए पूर्व कैंसर और कैंसर कोशिकाओं का पता लगाना और उन्हें टारगेट करना मुश्किल हो जाता है।
डिब्बाबंद और पैक्ड फूड-
आजकल लोग डिब्बा बनिया पैक्ड फूड खाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं क्योंकि आसानी से बन जाता है और हर जगह मिल भी जाता है जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक है, यह बनाना भले ही बहुत आसान लगता है पर यह हमारे शरीर के लिए जहर के समान है।
जैसे झटपट पोहा, नूडल्स ,इडली, उपमा ,पास्ता पैक्ड फूड की बहुत सी वैरायटी है।
ज्यादातर रेडी -टू -कुक पैक में बिस्फेनॉल ए नाम का केमिकल होता है । भोजन में घुलने पर या योगिक हार्मोन असंतुलन डीएनए में परिवर्तन और कैंसर का कारण बन सकता है।
*क्या आप जानते हैं-
विश्व में कुल 2 करोड़ लोग कैंसर से ग्रस्त हैं इनमें हर साल 9000000 लोगों का और इजाफा होता है।
कोई जानकारी साथ में समाप्त करती हूं और जानकारी के लिए प्लीज कमेंट करें
अब अब' सादा जीवन उच्च विचार 'की धारणा का पालन करें जिससे आप स्वस्थ रहें और मस्त रहें धन्यवाद।
नियमित योगा करें अपने बच्चों को पैक्ड फूड खाने से बचाएं
बच्चों को बताएं कि पेट फूड खाने से क्या क्या हानि हो सकती है उन्हें जागरूक करें
धन्यवाद 🙏
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Very good information
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