"स्क्रब टायफस" , लक्षण, उपचार, बचाव ,

रहस्यमयी बुखार 'स्क्रब टायफ़स' की चपेट में उत्तरप्रदेश! ⚫️विगत एक माह से उत्तरप्रदेश में एक रहस्यमयी बुखार के संकट से जूझ रहा है. ये बुखार इतना वायरल है कि शायद ही उत्तरप्रदेश का कोई ऐसा घर हो जिसमें एक रोगी पीड़ित न निकले. लोग जूझ रहे हैं. ठीक भी हो रहे हैं. कुछ रोग की अज्ञानता में कोलैप्स भी कर जा रहे हैं. प्रदेश एक अघोषित पेन्डेमिक से गुज़र रहा है. ⚫️इस बुखार का रहस्य ये है कि सारे लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया से मिलते जुलते हैं पर जब टेस्ट कराइये तो सब निगेटिव आता है. क्योंकि बीमारी के लक्षण भले ही मिलते हों पर बीमारी अलग है. ⚫️विडंबना ये है कि बहुत से डॉक्टर भी वायरल मान कर उसका ट्रीटमेंट दे रहे हैं या डेंगू का ट्रीटमेंट दे रहे हैं. उनको भी रोग के विषय में नहीं मालूम। (ये मैं इस आधार पर कह रहा हूँ कि मेरे परिचित दिव्या मिश्रा राय के बेटे और पति, दोनों के बुखार को डेंगू समझ कर ट्रीटमेंट दिया गया और दोनों ही सुप्रसिद्ध डॉक्टर्स के द्वारा दिया गया) ▪️जब 12 नवंबर को दिव्या मिश्रा राय में लक्षण दिखे तो उन्हे उनके फैमिली डॉक्टर को दिखाया गया। उन्होंने इस नयी बीमारी का नाम बताय...

भू -आकृतिक प्रदेश (Geomorphic Regions)

आज हम समझेगें भू -आकृतिक प्रदेश के बारे में विस्तार से -





  • भारतीय उपमहाद्वीप उच्चावच (कही ऊँचा  है तो कही ढलान )के दृष्टिकोण से विभिन्न स्थालाकृतियों का आनोखा सम्म्रिश्रण है |

  • भारत को तीन भू - वैज्ञानिक खंडो में विभाजित किया जाता है , जों भौतिक लक्षणों पर आधारित है -

  1.  प्रायद्वीपीय खंड 
  2. हिमालय और अन्य अतिरिक्त प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएं 
  3. सिन्धु- गंगा -ब्रम्हपुत्र का मैदान 
किसी स्थान की भू -वैज्ञानिक संरचना ,प्रक्रिया और विकास की अवस्था का परिणाम है 

भारत में धरातलीय विभिन्नताए बहुत महत्वपूर्ण है जिसके आधार पर 
भारत को निम्नलिखित भौगोलिक आकृतियों में विभाजित किया जाता है -
  • उत्तरी तथा उत्तर -पूर्वी हिमालय 
  • उत्तरी भारत का विशाल मैदान 
  • भारतीय मरुस्थल 
  • प्रायद्वीपीय पठार 
  • तटीय मैदान 
  • भारत के द्वीप समूह 


उत्तरी भारत का पूर्वी हिमालय
(Northern and Northeastern Himalayas)

  • बंटायह उत्तर -पश्चिम  में जम्मू - कश्मीर  से लेकर पूर्व में अरुणाचल प्रदेश तक लगभग 2500 km की लम्बाई में फैला हुआ है |
  • पूर्व की अपेक्षा पश्चमी भाग अधिक चौड़ा है ,जों पश्चिम में लगभग  400km तथा पूर्व में लगभग 160km  तक चौड़ा है |इसका प्रमुख कारण पूर्व में अभिसारी सीमांत पर दबाव बल का अधिक होना है |
  • प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत के अनुसार ,हिमालय की उत्पत्ति युरेसियन  प्लेट और भारतीय प्लेट के आपस में टकराने तथा इन दोनों प्लेटों के बीच में स्थित टेथिस सागर के अवसादो में वलन पड़ने के कारण हुई है 
  • उत्तर से दक्षिण की ओर फैले उत्तरी पर्वतीय प्रदेश को निम्नलिखित भागो में बाटा जा सकता है 

  • ट्रांस हिमालय 
  • वृहद् हिमालय या आंतरिक हिमालय 
  • लघु हिमालय या मध्य हिमालय 
  • शिवालिक या बाह्य हिमालय 
  • उत्तर- पूर्वी हिमालय 

प्रादेशिक विभाजन की संकल्पना ' सिडनी बुरार्ड ' ने दी थी 


  1. पंजाब हिमालय -  सिन्धु - सतलुज नदी के बीच ,लम्बाई -560 km (कश्मीर +हिमाचल हिमालय )-( काराकोरम लद्दाख ,पीरपंजाल ,जास्कर व धौलाधार पर्वत श्रेणिया )
कुमायु हिमालय -सतलज -काली नदी के बीच , लम्बाई -320km ( भागीरथी व यमुना का उद्दगम स्रोत , नंदा देवी चोटी इस पर्वत श्रंखला की सबसे ऊँची चोटी है)

नेपाल हिमालय -   काली - तीस्ता नदी के बीच , लम्बाई 800km ( माउन्ट एवरेस्ट , कंचनजंगा ,धौलाधार , मकालू पर्वत श्रेणियां )


असम हिमालय -   तीस्ता - दिहांग -ब्रम्हपुत्र नदी के बीच ,लम्बाई-750km (कुला -कांगड़ी , नामचा बरवा , नागा पहाड़ी का क्षेत्र )


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