"स्क्रब टायफस" , लक्षण, उपचार, बचाव ,

रहस्यमयी बुखार 'स्क्रब टायफ़स' की चपेट में उत्तरप्रदेश! ⚫️विगत एक माह से उत्तरप्रदेश में एक रहस्यमयी बुखार के संकट से जूझ रहा है. ये बुखार इतना वायरल है कि शायद ही उत्तरप्रदेश का कोई ऐसा घर हो जिसमें एक रोगी पीड़ित न निकले. लोग जूझ रहे हैं. ठीक भी हो रहे हैं. कुछ रोग की अज्ञानता में कोलैप्स भी कर जा रहे हैं. प्रदेश एक अघोषित पेन्डेमिक से गुज़र रहा है. ⚫️इस बुखार का रहस्य ये है कि सारे लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया से मिलते जुलते हैं पर जब टेस्ट कराइये तो सब निगेटिव आता है. क्योंकि बीमारी के लक्षण भले ही मिलते हों पर बीमारी अलग है. ⚫️विडंबना ये है कि बहुत से डॉक्टर भी वायरल मान कर उसका ट्रीटमेंट दे रहे हैं या डेंगू का ट्रीटमेंट दे रहे हैं. उनको भी रोग के विषय में नहीं मालूम। (ये मैं इस आधार पर कह रहा हूँ कि मेरे परिचित दिव्या मिश्रा राय के बेटे और पति, दोनों के बुखार को डेंगू समझ कर ट्रीटमेंट दिया गया और दोनों ही सुप्रसिद्ध डॉक्टर्स के द्वारा दिया गया) ▪️जब 12 नवंबर को दिव्या मिश्रा राय में लक्षण दिखे तो उन्हे उनके फैमिली डॉक्टर को दिखाया गया। उन्होंने इस नयी बीमारी का नाम बताय...

अर्थव्यवस्था (Economy),अर्थव्यवस्था के क्षेत्र ,अर्थव्यस्था का वर्गीकरण / स्वरुप (Classification /Nature of Economy)


 अर्थव्यवस्था (Economy)



अर्थशास्त्र और अर्थव्यवस्था के बीच संबंध

अर्थशास्त्र में आर्थिक गतिविधियों से संबंधित सिद्धांतों नियमों इत्यादि का वर्णन होता है, जबकि अर्थव्यवस्था में इन्हीं सिद्धांतों का व्यवहारिक प्रयोग किया जाता है।


आर्थिक सिद्धांतों एवं नियमों की वास्तविक परख अर्थव्यवस्था में ही होती है।

जब हम किसी देश को उसकी समस्त आर्थिक क्रियाओं के संदर्भ में परिभाषित करते हैं तो उसे' अर्थव्यवस्था' कहते हैं।

अर्थव्यवस्था किसी देश या क्षेत्र विशेष में अर्थशास्त्र के व्यवहारिक स्वरूप को प्रदर्शित करती हैं, जैसे- भारतीय अर्थव्यवस्था, अमेरिकी अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था के क्षेत्र -   अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को निम्नलिखित श्रेणियों में अथवा क्षेत्र में बांटा गया है।


प्राथमिक क्षेत्र (primary sector)- अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र जहां प्राकृतिक संसाधनों को उत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है अर्थात इसके अंतर्गत अर्थव्यवस्था की प्राकृतिक क्षेत्रों का लेखांकन किया जाता है प्राथमिक क्षेत्र के रहता है।

इसे कृषि क्षेत्र भी कहते हैं।

* कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र 

*वानिकी 

*मत्स्य पालन 

*खनन एवं उत्खनन

द्वितीयक क्षेत्र ( Secondary sector) -अर्थव्यवस्था का वन क्षेत्र जो प्राथमिक क्षेत्र के उत्पादों को कच्चे मॉल की तरह उपयोग करता है द्वितीयक क्षेत्र कहलाता है।

इसे औद्योगिक क्षेत्र भी कहते हैं।

*विनिर्माण

*निर्माण

*गैस जल तथा विद्युत आपूर्ति


तृतीयक क्षेत्र ( Tertiary sector)-

इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की सेवाओं का उत्पादन किया जाता है इसलिए इसे 'सेवा क्षेत्र ' भी कहते हैं।

यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था के प्राथमिक एवं द्वितीयक क्षेत्र को अपनी सेवाएं प्रदान करता है।

जैसे- व्यापार ,होटल ,रेस्त्रां 

*लोक प्रशासन एवं प्रतिरक्षा

*परिवहन संचार एवं भंडारण

*चिकित्सा 

*वित्तीय सेवाएं , बैंकइंग,बीमा 

अन्य सेवाएं

रियल स्टेट 


चतुर्थक क्षेत्र- चतुर्थक क्षेत्र से संबंधित  गतिविधियों में मुख्यता सूचनाओं का संग्रहण करना, सूचनाओं का अध्ययन एवं विश्लेषण करना, आवश्यकतानुसार सूचनाओं को प्रस्तुत करने शामिल किया जाता है।

चतुर्थक क्षेत्र से संबंधित सेवाओं में विशेषीकृत ज्ञान, तकनीकी कौशल ,प्रबंधकीय कौशल तथा विश्लेषणात्मक समझ का प्रयोग किया जाता है।



पंचक क्षेत्र- पंच क्षेत्र उच्च सेवाओं से संबंधित है।

इस क्षेत्र में गोल्ड कॉलर प्रोफेशनल को शामिल किया जाता है जो अपने -अपने क्षेत्र के उच्च विशेषज्ञ होते हैं।

यह नीति -निर्माण ,निर्णय -निर्माण में महत्वपूर्ण करते हैं।

इनमें मुख्यतया उच्च स्तर के सरकारी अधिकारियों, कंपनियों एवं विषयों के उच्च प्रबंधकों, शोधकर्ता एवं वैज्ञानिकों वित्तीय प्रबंधको कानूनी सलाहकारों इत्यादि शामिल किया जाता है।


अर्थव्यवस्था का वर्गीकरण - (Classification of Economy )-अर्थव्यवस्था मुख्यता विश्व में तीन प्रकार के पाए जाते हैं।

*पूंजीवादी अर्थव्यवस्था

*समाजवादी अर्थव्यवस्था

*मिश्रित अर्थव्यवस्था


पूंजीवादी अर्थव्यवस्था- जिस अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व पाया जाता है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन निजी लाभ के लिए किया जाता है उसे 'पूंजीवादी अर्थव्यवस्था' कहते हैं ।

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के सबसे अच्छे उदाहरण हैं संयुक्त राज्य अमेरिका ,ब्रिटेन ,जापान विकसित देश 

पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की विचारधारा एडम  स्मिथ की पुस्तक 'द वेल्थ ऑफ नेशन'  में 1776 प्रस्तुत की गई।


पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताएं- 

*निजी संपत्ति का अधिकार

*अधिकतम लाभ का उद्देश्य

* आर्थिक स्वतंत्रता

*प्रतियोगिता की स्थिति

*मांग और पूर्ति का महत्व 

*वस्तुओं एवं सेवाओं की विविधता एवं गुणवत्ता 

*राज्य ,सरकार के हस्तक्षेप का अभाव 


समाजवादी अर्थव्यवस्था- 

राज्य अर्थव्यवस्था का विचार जर्मन दार्शनिक' कार्ल मार्क्स' द्वारा दिया गया।

राज्य अर्थव्यवस्था मे वस्तुओ और सेवाओं के उत्पादन 

एवं वितरण पर राज्य का स्वामित्व होता है।

इसमें सरकार के पास सारी शक्तियां मौजूद होती हैं ।

आर्थिक निर्णय सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

पूर्व सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था को' समाजवादी अर्थव्यवस्था' कहते हैं जबकि 1985 से पहले चीन की अर्थव्यवस्था को' साम्यवादी अर्थव्यवस्था' कहते हैं।

 साम्यवादी अर्थव्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति से उसकी क्षमता अनुसार कार्य एवं प्रत्येक को उसकी  आवश्यकतानुसार प्रतिफल अर्थात वस्तुएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं ।


समाजवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताएं- 

*उत्पादन के संसाधनों पर सामूहिक स्वामित्व

* केंद्रीकृत नियोजन 

*आर्थिक विषमताओं में कमी 

* वर्ग संघर्ष की समाप्ति 

*राज्य एवं सरकार की व्यापक भूमिका


मिश्रित अर्थव्यवस्था- 

ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें राज्य अर्थव्यवस्था एवं पूंजीवादी अर्थव्यवस्था दोनों की विशेषताएं विद्यमान होते हैं।

इसमें सरकार तथा निजी क्षेत्र दोनों परस्पर सहयोगी के रुप में कार्य करते हैं।

मिश्रित अर्थव्यवस्था में आर्थिक निर्णय सामाजिक कल्याण एवं अधिकतम लाभ दोनों उद्देश्यों को ध्यान में रखकर के लिए जाते हैं।

Mishrit arthvyavastha ka sabse achcha udaharan bhartiya arthvyavastha hai।


मिश्रित अर्थव्यवस्था की विशेषताएं- 

*सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र का सह- अस्तित्व

*आर्थिक नियोजन

* सरकार की नियामक के रूप में भूमिका 

* व्यक्तिगत स्वतंत्रता 







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